कभी-कभी कुछ पल ऐसे होते हैं जो बिना कुछ कहे बहुत कुछ कह जाते हैं… यह वही पल था।
ना कोई तैयारी, ना कोई खास वजह। बस एक छोटी सी दुनिया, जो अपनी ही मासूमियत में खोई हुई थी। वो खड़ा था, बिल्कुल शांत…
जैसे अपने आसपास की हर चीज़ को समझने की कोशिश कर रहा हो।
उसकी आँखों में सवाल थे, लेकिन कोई बेचैनी नहीं थी। बस एक सच्चाई थी, जो बिना बोले भी साफ दिख रही थी।
चेहरे पर जो हल्की सी मुस्कान थी, वो किसी कारण से नहीं थी… वो बस थी जैसे बच्चों की मुस्कान होती है, बिना किसी शर्त के।
उसकी सादगी में ही एक अलग सी गहराई थी। ना दिखावा, ना कोई बनावट… बस एक असली पल, जो खुद में पूरा था।
शायद ऐसे ही moments हमें याद दिलाते हैं कि असली खूबसूरती कितनी simple होती है।
और हम इन्हें इसलिए कैद कर लेते हैं… ताकि ये एहसास कभी खो न जाए।


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